by पं. श्री कौशलेन्द्रकृष्णशर्मा | Sep 14, 2022 | Blogs, आचार्यश्री जी, प्राकीर्ण
लेखक – आचार्यश्री कौशलेन्द्रकृष्ण जी (कथावक्ता, श्लोककार, ग्रंथकार, कवि) व्याकरण भाषा का मेरुदण्ड है, ऐसा कहें तो कोई अतिशयोक्ति नहीं। कोई भी ग्रंथ किसी भाषा में लिखी होती है तो वह व्याकरण के सूत्रों से बंधी होती है। हमारे धर्मशास्त्र,...
by पं. श्री कौशलेन्द्रकृष्णशर्मा | Sep 13, 2022 | Blogs, आचार्यश्री जी, प्राकीर्ण
लेखक – आचार्यश्री कौशलेन्द्रकृष्ण जी (कथावक्ता, श्लोककार, ग्रंथकार, कवि) हम नवदिवस तक नवरात्र में श्रीदुर्गाजी की पूजा करते हैं। वस्तुतः यह नवरात्र आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से प्रारम्भ होता है। नव दिवस तक हम नित्य नव देवियों की विधिवत् पूजा...
by पं. श्री कौशलेन्द्रकृष्णशर्मा | Sep 4, 2022 | Blogs, आचार्यश्री जी, प्राकीर्ण
लेखक – आचार्यश्री कौशलेन्द्रकृष्ण जी (कथावक्ता, श्लोककार, ग्रंथकार, कवि) आज हम फेसबुक पर एक लेख पढ़ रहे थे। उसमें हमें एक टिप्पणी मिली। आक्षेपक ने लिखा था, “करपात्री जी तो रजस्वला होने से पहले ही कन्या के विवाह हेतु कहते हैं। कितना...
by पं. श्री कौशलेन्द्रकृष्णशर्मा | Aug 28, 2022 | Blogs, आचार्यश्री जी, प्राकीर्ण
लेखक – आचार्यश्री कौशलेन्द्रकृष्ण जी (कथावक्ता, श्लोककार, ग्रंथकार, कवि) हमारी संस्कृत भाषा अत्यंत विस्तृत है। किन्तु सैद्धान्तिक रूप से सरल भी है। वैदिक संस्कृत एक अलग बिन्दु हो जाती है। उस भाषा में स्वर आदि को भी लिपिबद्ध किया जाता है।...
by पं. श्री कौशलेन्द्रकृष्णशर्मा | Aug 23, 2022 | Blogs, अंकित शर्मा, प्राकीर्ण
लेखक – पं. श्री अंकित शर्मा (कर्मकाण्डविद्, सतत अध्येता) विभूतियों की परिगणना के संदर्भ में भगवान् ने गीता में कहा है कि “धर्माविरुद्धो भूतेषु कामोऽस्मि भरतर्षभ”। भरतकुलश्रेष्ठ अर्जुन! धर्म के अविरुद्ध रहने वाला काम मैं हूँ।...
by पं. श्री कौशलेन्द्रकृष्णशर्मा | Aug 1, 2022 | Blogs, आचार्यश्री जी, प्राकीर्ण
लेखक – आचार्यश्री कौशलेन्द्रकृष्ण जी (कथावक्ता, श्लोककार, ग्रंथकार, कवि) मेद से भरा देह बड़ी समस्या है। आज से कुछ महीनों पूर्व हमें भी यह समस्या हुई थी। हमने मात्र 3 से 4 महीनों में ही 20 किलो के आसपास अपना वज़न कम किया। आज अपने इसी...