by पं. श्री कौशलेन्द्रकृष्णशर्मा | Nov 4, 2022 | आचार्यश्री जी, प्राकीर्ण
लेखक – आचार्यश्री कौशलेन्द्रकृष्ण जी (कथावक्ता, श्लोककार, ग्रंथकार, कवि) सूर्यग्रहण तथा चन्द्रग्रहण क्यों होता है, यह तो आप सब सुने ही हैं। इस विषय पर चर्चा न करते हुए सीधे आवश्यक विषयों पर आते हैं। पहले तो हमें यह ज्ञात हो कि ग्रहण...
by पं. श्री कौशलेन्द्रकृष्णशर्मा | Oct 24, 2022 | Blogs, प्राकीर्ण
लेखक – आचार्यश्री कौशलेन्द्रकृष्ण जी (कथावक्ता, श्लोककार, ग्रंथकार, कवि) आज के युग में पर्यावरण प्रदूषण हमारी सबसे बड़ी समस्या बन चुका है। इसी बात को ध्यान में रखकर वर्तमान समय में दीपावली पर्व पर पटाखों से दूरी रखने का आदेश दिया जाता...
by पं. श्री कौशलेन्द्रकृष्णशर्मा | Oct 17, 2022 | Blogs, आचार्यश्री जी, प्राकीर्ण
लेखक – आचार्यश्री कौशलेन्द्रकृष्ण जी (कथावक्ता, श्लोककार, ग्रंथकार, कवि) यहाँ दिये गए सारे वाक्य शास्त्रों के हैं। इनका उद्देश्य किसी को ठेस पहुंचाना नहीं अपितु भागवत प्रवाचिका युवतियों तथा श्रोताओं को अवगत कराना है। ये शास्त्र सिद्धान्त...
by पं. श्री कौशलेन्द्रकृष्णशर्मा | Oct 13, 2022 | Blogs, आचार्यश्री जी, प्राकीर्ण
लेखक – आचार्यश्री कौशलेन्द्रकृष्ण जी (कथावक्ता, श्लोककार, ग्रंथकार, कवि) करक चतुर्थी या करवा चौथ के नाम से यह बड़ा ही प्रचलित व्रत है जो वर्ष से चतुर्थीव्रतों में से एक है। इस दिन सौभाग्य की अक्षरता हेतु स्त्री भगवान् गणपति की पूजा करती...
by पं. श्री कौशलेन्द्रकृष्णशर्मा | Oct 13, 2022 | Blogs, आचार्यश्री जी, प्राकीर्ण
लेखक – आचार्यश्री कौशलेन्द्रकृष्ण जी (कथावक्ता, श्लोककार, ग्रंथकार, कवि) वर्तमान समय में हम जिस पृथ्वी पर निवास करते हैं, प्रश्न यही है कि हम उसके विषय में कितना जानते हैं। सम्भवतः इसके विषय में हमें एक प्रतिशत का भी ज्ञान नहीं। हमें यह...
by पं. श्री कौशलेन्द्रकृष्णशर्मा | Sep 26, 2022 | Blogs, आचार्यश्री जी, प्राकीर्ण
लेखक – आचार्यश्री कौशलेन्द्रकृष्ण जी (कथावक्ता, श्लोककार, ग्रंथकार, कवि) जिस प्रकार सिंह शावक की माता अपने पुत्र के ऊपर भय जानकर तत्क्षण उसके निकट आ जाती है, तथा एव भगवती इन वज्रदंष्ट्रा कही जाने वाली वसंत तथा शरद ऋतुओं में अपने पुत्रों...