by पं. श्री कौशलेन्द्रकृष्णशर्मा | Oct 23, 2024 | Blogs, आचार्यश्री जी, प्राकीर्ण
लेखक – आचार्यश्री कौशलेन्द्रकृष्ण जी (कथावक्ता, श्लोककार, ग्रंथकार, कवि) कई लोगों के संदेश आए। प्रश्न आए कि दीपावली कब है। कई सज्जनों ने पूछा कि, ‘आप दीपावली कब मना रहे हो?’ हमने सोंचा कि वीडियो बनाकर इसका उत्तर दे दें।...
by पं. श्री कौशलेन्द्रकृष्णशर्मा | Sep 3, 2024 | Blogs, आचार्यश्री जी, छत्तीसगढ़ी
लेखक – आचार्यश्री कौशलेन्द्रकृष्ण जी (कथावक्ता, श्लोककार, ग्रंथकार, कवि) तैं हा नइ जानच पोंगा फँसे हे तोर डोंगातैं नइ जानच।ये रे!तोर मोर काया माटी के संगी मोर!एही आवै जम्मो पोथी बेद के निचोरतैं हा नइ जानच।लाली पानी के तोर काया...
by पं. श्री कौशलेन्द्रकृष्णशर्मा | May 26, 2024 | Blogs, आचार्यश्री जी, स्वरचित हिन्दी काव्य
लेखक – आचार्यश्री कौशलेन्द्रकृष्ण जी (कथावक्ता, श्लोककार, ग्रंथकार, कवि) ख्वाब में आकर कन्हैया क्यूँ सताते हो?जो जगूँ तो यूँ ही कैसे भाग जाते हो?रुक के पल भर देख लो रे ऐ मेरे ज़ालिमराधिका के नाम की आँसू बहाते हो।ख्वाब में नित ही लबों को...
by पं. श्री कौशलेन्द्रकृष्णशर्मा | May 11, 2024 | Blogs, आचार्यश्री जी, स्तोत्र, स्वरचित संस्कृत काव्य
रचयिता – आचार्यश्री कौशलेन्द्रकृष्ण जी (कथावक्ता, श्लोककार, ग्रंथकार, कवि) यस्याङ्घ्र्याभरणेन शोभिततमो लक्ष्मीप्रियः केशवोनित्यं वै मनुते वसन् फणधरशय्यायां च दुग्धार्णवे।जायन्ते विविधाः प्रजा इह सदा क्षत्रादयो येन तंवन्देऽहं प्रगतिश्च...
by पं. श्री कौशलेन्द्रकृष्णशर्मा | Apr 21, 2024 | Blogs, आचार्यश्री जी, स्वरचित हिन्दी काव्य
लेखक – आचार्यश्री कौशलेन्द्रकृष्ण जी (कथावक्ता, श्लोककार, ग्रंथकार, कवि) बैठा हिन्दू राम राम बस कहता है।राम धर्म से विस्मृत सा उल्टी धारा में बहताहिन्दू राम राम बस कहता है।वैदिक धर्मसूत्र से वंचितपैशाची मन से जो संचितचिन्तन से निर्मित...
by पं. श्री कौशलेन्द्रकृष्णशर्मा | Dec 11, 2023 | Blogs, आचार्यश्री जी, देविस्तोत्राणि, स्तोत्र, स्वरचित संस्कृत काव्य
रचयिता – आचार्यश्री कौशलेन्द्रकृष्ण जी (कथावक्ता, श्लोककार, ग्रंथकार, कवि) सरससारससङ्कुलसंहित-स्थितिसुकीर्तितवैभवभूषिते।चिचरिषामि सुपादनखे वनेविविधवृक्षदलैर्दह मे मलम्॥१॥ सुन्दर कमल समूहों के निकट विद्यमान रहने वाले (हंस) के ऊपर अपनी...