हमारे लेख
2024 की दीपावली कब? 31 अक्टूबर या 1 नवंबर?
लेखक - आचार्यश्री कौशलेन्द्रकृष्ण जी (कथावक्ता, श्लोककार, ग्रंथकार, कवि) कई लोगों के संदेश आए। प्रश्न आए कि दीपावली कब है। कई सज्जनों ने पूछा कि, 'आप दीपावली कब मना रहे हो?' हमने सोंचा कि वीडियो बनाकर इसका उत्तर दे दें। किन्तु वीडियो हेतु...
तैं नइ जानच (लोकगीत)
लेखक - आचार्यश्री कौशलेन्द्रकृष्ण जी (कथावक्ता, श्लोककार, ग्रंथकार, कवि) तैं हा नइ जानच पोंगा फँसे हे तोर डोंगातैं नइ जानच।ये रे!तोर मोर काया माटी के संगी मोर!एही आवै जम्मो पोथी बेद के निचोरतैं हा नइ जानच।लाली पानी के तोर काया लपटाय!जिहाँ ले...
ख्वाब में आकर कन्हैया क्यूँ सताते हो?
लेखक - आचार्यश्री कौशलेन्द्रकृष्ण जी (कथावक्ता, श्लोककार, ग्रंथकार, कवि) ख्वाब में आकर कन्हैया क्यूँ सताते हो?जो जगूँ तो यूँ ही कैसे भाग जाते हो?रुक के पल भर देख लो रे ऐ मेरे ज़ालिमराधिका के नाम की आँसू बहाते हो।ख्वाब में नित ही लबों को चूम...
विप्राष्टकम्
रचयिता - आचार्यश्री कौशलेन्द्रकृष्ण जी (कथावक्ता, श्लोककार, ग्रंथकार, कवि) यस्याङ्घ्र्याभरणेन शोभिततमो लक्ष्मीप्रियः केशवोनित्यं वै मनुते वसन् फणधरशय्यायां च दुग्धार्णवे।जायन्ते विविधाः प्रजा इह सदा क्षत्रादयो येन तंवन्देऽहं प्रगतिश्च यस्य...
मोसे नैना मिलाइ के (संशोधित)
संशोधक - आचार्यश्री कौशलेन्द्रकृष्ण जी (कथावक्ता, श्लोककार, ग्रंथकार, कवि) प्रेम विवस कर दीन्ही रे मोसे नैना मिलाइ केचित मित सब हर लीन्हीं रे मोसे नैना मिलाइ के।प्रेम बटी का मदवा पिलइ के…मतवारी कर दीन्हीं रे मोसे नैना मिलाइ के।बल बल जाऊं मैं तोरे रंगरिजवाअपनी सी...
हिन्दू राम राम बस कहता है…
लेखक - आचार्यश्री कौशलेन्द्रकृष्ण जी (कथावक्ता, श्लोककार, ग्रंथकार, कवि) बैठा हिन्दू राम राम बस कहता है।राम धर्म से विस्मृत सा उल्टी धारा में बहताहिन्दू राम राम बस कहता है।वैदिक धर्मसूत्र से वंचितपैशाची मन से जो संचितचिन्तन से निर्मित पत्थर की...













