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हलषष्ठी माता की आरती
प्रणेता - आचार्यश्री कौशलेन्द्रकृष्ण जी (कथावक्ता, श्लोककार, ग्रंथकार, कवि) जय षष्ठी माते जय हलषष्ठी माते।नीराजनममरैर्कृतमाधात्रे जाते॥ जय हल...करुणामयि गुणशीले तिथिशीलेऽभयदे।वचसातीतमहिम्ने वात्सल्येऽऽनन्दे॥ जय हल…कंसभगिन्या पूज्ये...
वर्षाऋतुवर्णनम्
प्रणेता - आचार्यश्री कौशलेन्द्रकृष्ण जी (कथावक्ता, श्लोककार, ग्रंथकार, कवि) नवासान्द्राच्छादो विपिनतरुवल्ली वलयितालताहारं चारुं सजतिक्षितिवक्षस्थलगताम्।प्लवा भृङ्गार्यश्च मधुररववादेनसयुताऽऽ--गताश्चाराध्यायै स्तव इव सुराऽहो ऋतुमयः॥१॥ वन में...
राष्ट्रध्वजा बृहता विपुला
स्वतन्त्रता दिवस की शुभकामनाओं सहित राष्ट्रध्वजा बृहता विपुला संस्कृत कविता - आचार्यश्री कौशलेन्द्रकृष्ण जी रामकृष्णसुरवरमुनिचरितायां भारत्यां रमणीयां यत्रोत्पलिफलगुह्यदुर्लभो जोघुष्यन्तेऽमृतप्रवराः। अशरणशरणाः...
श्री सिद्धेश्वरीरञ्जनम्
प्रणेता - आचार्यश्री कौशलेन्द्रकृष्ण जी (कथावक्ता, श्लोककार, ग्रंथकार, कवि) प्राक्कथन माता सिद्धेश्वरी का शास्त्रीय वर्णन सम्भवतः केवल वाराहपुराण में कुछ ही श्लोकों में मिलता है। वर्तमान में उनका एक मंदिर वाराणसी में है। वाराह पुराणानुसार वे...
मोटापे से मुक्ति : अचूक उपाय
लेखक - आचार्यश्री कौशलेन्द्रकृष्ण जी (कथावक्ता, श्लोककार, ग्रंथकार, कवि) मेद से भरा देह बड़ी समस्या है। आज से कुछ महीनों पूर्व हमें भी यह समस्या हुई थी। हमने मात्र 3 से 4 महीनों में ही 20 किलो के आसपास अपना वज़न कम किया। आज अपने इसी अनुभव को...
पृथ्वी का वास्तविक आकार
लेखक - आचार्यश्री कौशलेन्द्रकृष्ण जी (कथावक्ता, श्लोककार, ग्रंथकार, कवि) क्या पृथ्वी का जो आकार आधुनिक वैज्ञानिक निर्दिष्ट करते हैं वही उसका मूल आकार है? आज इसी विषय पर चिंतन करते हैं। यदि आप सिद्ध हैं तो आधुनिक विज्ञान को कठपुतलियों के समान...













