आचार्यश्री कौशलेन्द्रकृष्ण जी

आचार्यश्री कौशलेन्द्रकृष्ण जी ही इस पूरे जालपृष्ठ के स्वामी हैं। उनका वास्तविक नाम पं. श्री कौशलेन्द्रकृष्ण शर्मा है। वर्तमान समय में उनका निवास ग्राम सेन्हाभाठा, कवर्धा (छ.ग.) है। कौशलेन्द्र जी एक अध्येता, चिन्तक, वक्ता तथा संस्कृत और हिन्दी आदि भाषाओं के कवि हैं।

इनके लेख

विप्राष्टकम्

विप्राष्टकम्

   रचयिता - आचार्यश्री कौशलेन्द्रकृष्ण जी   (कथावक्ता, श्लोककार, ग्रंथकार, कवि) यस्याङ्घ्र्याभरणेन शोभिततमो लक्ष्मीप्रियः केशवोनित्यं वै मनुते वसन् फणधरशय्यायां च दुग्धार्णवे।जायन्ते विविधाः प्रजा इह सदा क्षत्रादयो येन तंवन्देऽहं प्रगतिश्च यस्य...

हिन्दू राम राम बस कहता है…

हिन्दू राम राम बस कहता है…

   लेखक - आचार्यश्री कौशलेन्द्रकृष्ण जी   (कथावक्ता, श्लोककार, ग्रंथकार, कवि) बैठा हिन्दू राम राम बस कहता है।राम धर्म से विस्मृत सा उल्टी धारा में बहताहिन्दू राम राम बस कहता है।वैदिक धर्मसूत्र से वंचितपैशाची मन से जो संचितचिन्तन से निर्मित पत्थर की...

शारदापराधक्षमापनम्

शारदापराधक्षमापनम्

   रचयिता - आचार्यश्री कौशलेन्द्रकृष्ण जी   (कथावक्ता, श्लोककार, ग्रंथकार, कवि) ​सरससारससङ्कुलसंहित-स्थितिसुकीर्तितवैभवभूषिते।चिचरिषामि सुपादनखे वनेविविधवृक्षदलैर्दह मे मलम्॥१॥ ​सुन्दर कमल समूहों के निकट विद्यमान रहने वाले (हंस) के ऊपर अपनी स्थिति...

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