भारतीय संस्कृति व भारतभूमि की अखण्ड राष्ट्रियता एवं भगवान् शिव

भारतीय संस्कृति व भारतभूमि की अखण्ड राष्ट्रियता एवं भगवान् शिव

   लेखक – पं. श्री अंकित शर्मा   (कर्मकाण्डविद्, सतत अध्येता) भगवान् शिव का भगवती उमा के साथ गृहस्थरूप भारतीय नारी के पातिव्रत और सती धर्म का आदर्श है। वस्तुतः भगवान् शिव की यह दैवी धारणा मानवीय संस्कृति की विराट् रूपा हमारी संस्कृति की प्राण है। “या उमा...

तृचभास्कर

मुख्यपृष्ठ लेखक भास्कररायभाषासंस्कृतप्रकाशकप्रारूप*pdfआकार 140.5MBफाइल संख्या1 विवरण – यह ग्रन्थ एक तांत्रिक प्रयोग ग्रंथ है जो सूर्यतंत्र से संबंधित है।...

चातुर्वण्य संस्कृति विमर्श

मुख्यपृष्ठ लेखकस्वामिश्री करपात्री जी महाराजभाषासंस्कृतप्रकाशकगौरीशंकर प्रेसप्रारूप*pdfआकार32.4MBफाइल संख्या1 विवरण – वर्तमान में ऐसे कई भ्रष्ट मत हैं जो वर्णव्यवस्था को जन्मगत नहीं, कर्मगत मानते हैं। किन्तु मानना भिन्न बात है, व्यक्ति मान कुछ भी सकता है किन्तु...

आध्यात्म रामायण

मुख्यपृष्ठ लेखकभगवान् कृष्णद्वैपायन (वेदव्यास) भाषासंस्कृत, हिन्दीप्रकाशकगीताप्रेस गोरखपुरप्रारूप*pdfआकार308.7MBफाइल संख्या1 विवरण – इस ग्रंथ को स्वयं भगवान् शिव के मुख से भवानी हेतु निर्गत जानना चाहिये। यह ग्रन्थ ब्रह्माण्डपुराण के उत्तरखण्ड से प्राप्त होने के...

अद्भुत रामायण

मुख्यपृष्ठ लेखकवाल्मीकि मुनिप्रकाशकश्री वेंकटेश्वर प्रेसप्रारूप*pdfआकार 67.1MBफाइल संख्या1 विवरण – रघुनाथगाथारसरसिक पाठकवृन्द! रामकथाका संसारमें शतकरोड़ विस्तार हैं उसमें बहुत कथा देवलोकमें विद्यमान हैं और बहुतसी कथा मर्त्यलोमें स्थित हैं, जिस प्रकार वाल्मी...