आचार्यश्री कौशलेन्द्रकृष्ण जी
आचार्यश्री कौशलेन्द्रकृष्ण जी ही इस पूरे जालपृष्ठ के स्वामी हैं। उनका वास्तविक नाम पं. श्री कौशलेन्द्रकृष्ण शर्मा है। वर्तमान समय में उनका निवास ग्राम सेन्हाभाठा, कवर्धा (छ.ग.) है। कौशलेन्द्र जी एक अध्येता, चिन्तक, वक्ता तथा संस्कृत और हिन्दी आदि भाषाओं के कवि हैं।
इनके लेख
वेदों तथा पुराणों में कबीरदास जी के नाम का स्पष्टीकरण तथा अनिरुद्धाचार्य जी से सम्बद्ध राधावन्तः विवाद का व्याकरणपरक विश्लेषण
लेखक - आचार्यश्री कौशलेन्द्रकृष्ण जी (कथावक्ता, श्लोककार, ग्रंथकार, कवि) व्याकरण भाषा का मेरुदण्ड है, ऐसा कहें तो कोई अतिशयोक्ति नहीं। कोई भी ग्रंथ किसी भाषा में लिखी होती है तो वह व्याकरण के सूत्रों से बंधी होती है। हमारे धर्मशास्त्र, इतिहास,...
क्या मूर्तिविसर्जन अशास्त्रीय है?
लेखक - आचार्यश्री कौशलेन्द्रकृष्ण जी (कथावक्ता, श्लोककार, ग्रंथकार, कवि) हम नवदिवस तक नवरात्र में श्रीदुर्गाजी की पूजा करते हैं। वस्तुतः यह नवरात्र आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से प्रारम्भ होता है। नव दिवस तक हम नित्य नव देवियों की विधिवत् पूजा किया...
श्रीगणपतिमदनस्तोत्रम्
प्रणेता - आचार्यश्री कौशलेन्द्रकृष्ण जी (कथावक्ता, श्लोककार, ग्रंथकार, कवि) शिवसङ्गमुदाङ्करतं सुरतंनटराजनटं नृतुयूथमुखम्।सुकृतेर्निकरं इतिख्यातिमयंस्मर रे इह चित्त गणाधिपतिम्॥१॥ "जो भगवान् शिव के गोद में बैठे बड़े आनन्दित हैं। जो कि नटराज के...











