आचार्यश्री कौशलेन्द्रकृष्ण जी
आचार्यश्री कौशलेन्द्रकृष्ण जी ही इस पूरे जालपृष्ठ के स्वामी हैं। उनका वास्तविक नाम पं. श्री कौशलेन्द्रकृष्ण शर्मा है। वर्तमान समय में उनका निवास ग्राम सेन्हाभाठा, कवर्धा (छ.ग.) है। कौशलेन्द्र जी एक अध्येता, चिन्तक, वक्ता तथा संस्कृत और हिन्दी आदि भाषाओं के कवि हैं।
इनके लेख
भवानीसप्तकम्
प्रणेता - आचार्यश्री कौशलेन्द्रकृष्ण जी (कथावक्ता, श्लोककार, ग्रंथकार, कवि) कं कुन्तलग्राममध्यागततततमये नीलकण्ठेन चन्द्रंकाशामाकाशवासामरुणकरुणया प्रोल्लसद्रुक्मरेखाम्।डं डं डं डं निनादेऽस्थिरनटनटितां दैत्यनाट्यं विभङ्गांतां वन्दे तन्त्रमातां...
पार्वतीश्वरसौन्दर्यवर्णनम्
प्रणेता - आचार्यश्री कौशलेन्द्रकृष्ण जी (कथावक्ता, श्लोककार, ग्रंथकार, कवि) शुभशितिकचकान्तिं दाडिमीपुष्पवर्णा--धरनलिनयमाक्षीं रुक्मशोभाकिरीटम्।विधुजटितजटाभिर्जाटकं मङ्गलानांनववरवधुयुग्मं पार्वतीशं नतोऽस्मि॥१॥ सुन्दर काले केशों की कान्ति, अनार...
हिन्दी स्तुतियाँ
प्रणेता - आचार्यश्री कौशलेन्द्रकृष्ण जी (कथावक्ता, श्लोककार, ग्रंथकार, कवि) आचार्यश्री कौशलेन्द्रकृष्ण जी के द्वारा जन साधारण हेतु सरल हिन्दी में तीन देवताओं की स्तुतियों का प्रणयन हुआ है। स्तुति उसे ही कहें तो उचित है जो कि ध्येय तथा ध्याता...











