आचार्यश्री कौशलेन्द्रकृष्ण जी
आचार्यश्री कौशलेन्द्रकृष्ण जी ही इस पूरे जालपृष्ठ के स्वामी हैं। उनका वास्तविक नाम पं. श्री कौशलेन्द्रकृष्ण शर्मा है। वर्तमान समय में उनका निवास ग्राम सेन्हाभाठा, कवर्धा (छ.ग.) है। कौशलेन्द्र जी एक अध्येता, चिन्तक, वक्ता तथा संस्कृत और हिन्दी आदि भाषाओं के कवि हैं।
इनके लेख
कन्या का विवाह किस आयु में करें?
लेखक - आचार्यश्री कौशलेन्द्रकृष्ण जी (कथावक्ता, श्लोककार, ग्रंथकार, कवि) आज हम फेसबुक पर एक लेख पढ़ रहे थे। उसमें हमें एक टिप्पणी मिली। आक्षेपक ने लिखा था, "करपात्री जी तो रजस्वला होने से पहले ही कन्या के विवाह हेतु कहते हैं। कितना...
आदित्यहर्षणस्तोत्रम्
प्रणेता - आचार्यश्री कौशलेन्द्रकृष्ण जी (कथावक्ता, श्लोककार, ग्रंथकार, कवि) वैष्णवानां हरिस्त्वं शिवस्त्वं स्वयंशक्तिरूपस्त्वमेवानयस्त्वं नतेः।त्वं गणाधिकृतस्त्वं सुरेशाधिप-स्त्वं मरुत्वान्रविस्त्वं सदा स्तोचताम्॥१॥ वैष्णवों के आप ही हरि हैं,...
संस्कृत भाषा के वैदिक चिह्न
लेखक - आचार्यश्री कौशलेन्द्रकृष्ण जी (कथावक्ता, श्लोककार, ग्रंथकार, कवि) हमारी संस्कृत भाषा अत्यंत विस्तृत है। किन्तु सैद्धान्तिक रूप से सरल भी है। वैदिक संस्कृत एक अलग बिन्दु हो जाती है। उस भाषा में स्वर आदि को भी लिपिबद्ध किया जाता है। हम कई...











