by पं. श्री कौशलेन्द्रकृष्णशर्मा | Aug 22, 2026 | Blogs, आचार्यश्री जी, कृष्णस्तोत्राणि, स्तोत्र, स्वरचित संस्कृत काव्य
रचयिता – आचार्यश्री कौशलेन्द्रकृष्ण जी (कथावक्ता, श्लोककार, ग्रंथकार, कवि) कृष्ण कृष्ण त्वमानन्दसिन्धुः स्वयंचास्मदीया प्रभा नेत्रयोर्नन्दज।त्वं कदा श्लेक्ष्यसे कातरान्नः प्रभोदह्यमानाः प्रियास्त्वामतः शान्तिद॥१॥ हे कृष्ण! हे नन्दनन्दन!...